Tuesday, 23 June 2026

हमे क्या हो गया है !!

बहुत ही चिंता का विषय है, भारत विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है,
गाड़ियों के शोरूम में जाइए, नए मॉडल के लिए वेटिंग चल रही है, ग्राहकों को छह-छह महीने तक नई गाड़िहयों का इंतजार करना पड़ रहा है। 😎
रेस्टोरेंट में जाइए तो खाली टेबल नहीं मिलती। कई रेस्टोरेंट में तो लाइन लगी रहती है। 😎
शॉपिंग मॉल में पार्किंग की जगह नहीं होती, इतनी भीड़ लगी रहती है। 😎
कई मोबाइल कंपनियों के मॉडल आउट ऑफ स्टॉक हैं, एप्पल लॉन्च होते ही आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है। 😎
ऑनलाइन शॉपिंग के जमाने में भी वर्किंग डे पर बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं होती। रोज़ जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। 😎
ऑनलाइन शॉपिंग इंडस्ट्री तेज़ी में है 😎
लेकिन लोग कहते हैं कि पेट्रोल के दाम बढ़ाकर, भारत सरकार ने उनकी कमर तोड़ दी । 😎
मेरे घर में जब बेवजह लाइटें जलती रहती हैं, पंखे चलते रहते हैं, टीवी चलता रहता है तब मुझे कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन जैसे ही बिजली का बिल ज्यादा आता है, मेरी अंतरात्मा भारत सरकार को लगती है। 😎
जब मेरे बच्चे 16 डिग्री सेल्सियस पर ए.सी. चलाकर कंबल ओढ़कर सोते हैं 😆 तब मैं कुछ नहीं बोल पाता, लेकिन बिजली के दाम बढ़ते ही भारत सरकार जेब काटने वाली सरकार बन जाती है। 😎
जब मेरा गीजर चौबीसों घंटे ऑन रहता है तब मुझे कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन बिजली के दाम और बिल बढ़ते ही मुझे भारत सरकार से चिड़ होने लगती है। 😎
घर में पत्नी या कामवाली बाई रसोई गैस बर्बाद करती है तब मेरी ज़ुबान कुछ नहीं कहती, लेकिन गैस के दाम बढ़ते ही मैं भारत सरकार को गिराने की योजना में सम्मिलित हो जाता हूँ। 😎
रेड लाइट पर कार, बाइक या स्कूटी बंद करना पसंद नहीं, घर से थोड़ी ही दूर दूध लेने भी स्कूटी या बाइक से जाता हूं। 😆
वीकेंड में बिना जरूरत दस-बीस किलोमीटर गाड़ी घुमा ही लेता हूं 😎
लेकिन पेट्रोल का दाम एक रुपया भी बढ़ जाए तो यह भारत सरकार गिरनी चाहिए है। 😎
अपने वेतन बढ़ाने के लिए सरकार को कोसता हूं, लेकिन कामवाली बाई के वेतन बढ़ाने की बात आए, सब्जी वाले को पैसे देने हों या कहीं भुगतान करना हो तो भी भारत सरकार  जिम्मेदार है। 😎
मेरे बच्चे मेरी बात नहीं मानते या नहीं सुनते, कोई बात नहीं 😆
लेकिन प्रधानमंत्री या सरकार मेरी न सुने तो भारत सरकार गिरनी चाहिए 😎
*क्योंकि मैं स्वतंत्र देश का कुछ अधिक ही स्वतंत्र नागरिक हूं* 😎
*सरकार बदल दूंगा, लेकिन खुद नहीं बदलूंगा।* 😎
मित्रों, यही देश और देश के नागरिक की सच्चाई है। 😁
*इसमें व्यंग्य के माध्यम से हर भारतीय नागरिक की जीवनशैली और सोच पर फोकस डालने की कोशिश की गई है*।
उपरोक्त बातों पर ज़रूर विचार करें और त्याग भावना बनाएं ☺️🙏😅

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